हर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा
माना कि है अंधेरा बहुत और चारों ओर नाकामी
माना कि थक के टूट रहे और सफर अभी दुरगामी है
जीवन की आपाधापी में,जीने का ठिकाना छूट गया
माना कि हिम्मत टूट गई आंखों में निराशा छायी है
माना कि चांद पे ग्रहण है और रात भी गहराई है
पर कृष्ण ने साफ कहा है कि बस कर्म तुम्हारा कल होगा
और कर्म में अगर सच्चाई है तो कर्म कहां निष्फल होगा
हर एक संकट का हल होगा आज नहीं तो कल होगा
लोहा जितना तपता है, उतनी ही ताकत भरता है
सोने को जितनी आग लगे वो उतना प्रखर निकलता है
हीरे पर जितनी धार लगे वो उतना खूब चमकता है
मिट्टी का बर्तन पकता है,तब धुन पर खूब खनकता है
सूरज जैसा बनना है तो, सूरज इतना जलना होगा
नदियों का आदर पाना है तो पर्वत छोर निकलना होगा
और हम आदम के बेटे हैं क्यों सोचे राह सरल होगा
कुछ ज्यादा वक्त लगेगा पर संघर्ष जरुर सफल होगा
हर एक संकट का हल होगा वो आज नहीं तो कल होगा..
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
आज नहीं तो कल होगा
हर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा माना कि है अंधेरा बहुत और चारों ओर नाकामी माना कि थक के टूट रहे और सफर अभी दुरगामी है जीवन ...
-
बुलंदी का नशा संतों के जादू तोड़ देती है, हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है ! सियासी भेड़ियों थोड़ी बहुत गैरत ज़रूरी है, तवायफ तक किसी म...
-
ज़िन्दगी दो दिन की है एक दिन आपके पक्ष में , और जिस दिन आपके पक्ष में हो तो गुरूर ना करना और दूसरा दिन आपके खिलाफ और जिस दिन आपके खिलाफ मे...
-
"की मुखरे पर धूल लगी माना, माथा फूटा माना लेकिन गालों पर थप्पड़ खाये है जबरा टूटा माना लेकिन माना की साँसें उखड़ रही औ...
No comments:
Post a Comment