Tuesday, January 12, 2016

उन्हें यह फ़िक्र है हरदम, नयी तर्ज़-ए-ज़फ़ा क्या है?
हमें यह शौक है देखें, सितम की इन्तहा क्या है?
दहर से क्यों ख़फ़ा रहें, चर्ख का क्या ग़िला करें।
सारा जहाँ अदू सही, आओ! मुक़ाबला करें।।
.... शहीद भगत सिंह

Monday, January 4, 2016

मैं तो जब से थोड़ा बहुत समझदार हुआ हूँ तब से ये नही समझ पाया की पब्लिक और राजनेता में सही कौन है ?
क्योंकि अगर पब्लिक सही है तो नेता भी उन्ही ने चुना है तो सही ही होगा ! 
और अगर पब्लिक गलत है तो नेता सही कैसे हो सकता है ?
ये साल हमारी किस्मत में कुछ नए सितारे टाँगेगा,
ये साल हमारी हिम्मत को कुछ नयी नजर से आंकेगा,
इस साल अगर हम अंबर से दुःख की बदली हटा सके,
तो इसी साल मुमकिन है कि हम में सूरज झांकेगा||
 happy new year to all of you 2k16....#rohitrajranjan

आज नहीं तो कल होगा

हर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा माना कि है अंधेरा बहुत और चारों ओर नाकामी माना कि थक के टूट रहे और सफर अभी  दुरगामी है जीवन ...