जाहिर है कि जहां इतनी असमानता
होगी वहां असंतोष होगा, अशांति होगी और #युद्ध भी होंगे। जहां मुनाफे की ऐसी हवस होगी वहां मानवीय संबंध भी बाजार से निर्धारित होंगे। #स्वार्थ ही सबसे बड़ा सिद्धांत होगा और #अन्याय ताकतवर का हथियार होगा तो कमजोर विद्रोह पर उतरेंगे ही|
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