Friday, April 13, 2018

मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा


मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
गिरा दिया है तो साहिल पे इंतिज़ार न कर
अगर वो डूब गया है तो दूर निकलेगा
उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़
हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा
यक़ीं न आए तो इक बात पूछ कर देखो
जो हँस रहा है वो ज़ख़्मों से चूर निकलेगा
उस आस्तीन से अश्कों को पोछने वाले
उस आस्तीन से ख़ंजर ज़रूर निकलेगा

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नोमान शौक़

नोमान शौक़

Wednesday, April 4, 2018

‘स्त्री सशक्तीकरण

 ढिंढोरा पीटा जाता है कि ‘स्त्री सशक्तीकरण’ के लिए, संसद और विधानसभा ने ना जाने कौन-कौन से बिल पारित किये हैं. वास्तविकता यह है कि दांपत्य में यौन संबंधों के बारे में सदियों पुराने कानून, सामंती सोच और सीलन भरे संस्कारों में, कोई बदलाव नहीं हो पा रहा. मालूम नहीं इस सवाल पर सबने क्यों ‘मौनव्रत’ धारण कर लिया है. मातृसत्तात्मक व्यवस्था वाले राज्यों में भी अपराधियों का राजनीतिकरण बढ़ा है. राजनीति में वहां भी, स्त्रियां परिधि पर हैं और निर्णायक स्थलों पर उनकी भूमिका गौण ही है. मेरे विचार से स्त्री के दमन, उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ कानून बनने-बनाने में बड़ी बाधा है- राजनीति व सत्ता में ‘मर्दवादी’ नेताओं की षड्यंत्रपूर्ण चुप्पी और अपने अधिकारों के प्रति स्त्री आंदोलन का दिशाहीन भटकाव. 67 साल से दमित, शोषित आत्माओं की चीत्कार, न संसद को सुनाई देती है और न ही कोर्ट तक पहुंच पाती है. इसे (आधी दुनिया) का दुर्भाग्य कहूं या अपने ही पिता-पति और पुत्र का षड्यंत्र?   

Monday, April 2, 2018

लक्ष्य की तलाश


“मैं जो काम करता था, उससे बहुत love करता था.” “जिस काम (लक्ष्य) से आप प्यार करते हैं – उसे आपको तलाशना ही पड़ेगा.” यह आपके काम लिये भी उतना ही सही है जितना आपके lovers के लिये. आप अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा अपने काम पर लगाने जा रहे हैं, और आपको वास्तविक संतुष्टि मिलने का एक ही रास्ता है आप वही काम करें जिसमें आपको believe हो कि ये great काम है. और great काम करने का एक ही रास्ता है कि आप वही काम करें, जिसे आप प्यार करते हैं. अगर आपको अभी तक नहीं मिला है, तो तलाश करते रहें. समझौता न करें. …
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आवाम की आवाज

ज़िन नेताओं को हमने चुना  की वो हमारी आवाज
(आवाम की आवाज ) को बहरी सरकार  के कानों  तक पहुँचाये
आज वो ही राजनेता आवाम की आवाज को रौंध रहे हैं
"रक्षक ही वास्तव  में भक्षक" बन  गए हैं ||
-:रोहित राज रंजन 

Sunday, April 1, 2018

ईमानदारी

ईमानदारी

ईमानदारी नैतिक चरित्र का तत्व है, जो सच्चाई, दया, अनुशासन, ईमानदारी, आदि अच्छी आदतों को विकसित करती है। इसमें झूठ बोलना, दूसरों को धोखा देना, चोरी करना, और अन्य उन बुरी आदतों का अभाव होता है, जो लोगों को दुख देती हैं। ईमानदारी वास्तविकता में, विश्वसनीय, भरोसेमंद और पूरे जीवनभर ईमानदार होना है। ईमानदारी बहुत ही कीमती और अधिक महत्व वाली अच्छी आदत है। इस बारे में बेंजामिन फ्रेंकलिन ने बहुत अच्छी कहावत कही है, “ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है।” थॉमस जैफ्फरेंसन द्वारा कहा गया एक और कथन है कि, “बुद्धिमानी की किताब में ईमानदारी सबसे पहला पाठ है।” दोनों कथन अतीत में महान व्यक्तियों के द्वारा कहे गए हैं हालांकि, भविष्य में भी ये कथन सत्य ही रहेंगे।

Wednesday, March 28, 2018

अँधेरी रात के गुमराह जुगनुओं के लिए

मैं जब चलूँ तो ये दौलत भी साथ रख देना
मेरे बुज़ुर्ग मेरे सर पे हाथ रख देना

ढलेगा दिन तो सुलगने लगेगा दिल मेरा
मुझे भी घर के चरागों के साथ रख देना

ये आने वाले ज़मानों के काम आएंगे
कहीं छुपा के मेरे तजुर्बात रख देना

अँधेरी रात के गुमराह जुगनुओं के लिए
उदास धुप की टहनी पे रात रख देना

मैं एक सच हूँ अगर सुन सको तो सुनते रहो
गलत कहूं तो मेरे मुंह पे हाथ रख देना
#raahat

लाल और हरे में मत बांटो

न मस्जिद को जानते हैं ,
न शिवालों को जानते हैं
जो भूखे पेट होते हैं, वो सिर्फ निवालों को जानते हैं.
मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है.
की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है……
में अमन पसंद हूँ, मेरे शहर में दंगा रहने दो…
लाल और हरे में मत बांटो
, मेरी छत पर तिरंगा रहने दो
#bhagat


आज नहीं तो कल होगा

हर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा माना कि है अंधेरा बहुत और चारों ओर नाकामी माना कि थक के टूट रहे और सफर अभी  दुरगामी है जीवन ...